प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना ने क़ानूनी शिक्षा में लड़कियों के लिए आरक्षण की हिमायत की JusticeNVRamana Reservation LegalEducation GirlEducation जस्टिसएनवीरमना कानूनीशिक्षा
प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना ने लड़कियों के लिए कानूनी शिक्षा में आरक्षण की पुरजोर पैरवी करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि आंकड़े साबित करते हैं कि इस तरह के प्रावधान से जिला स्तर पर महिला न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति में ‘उत्साहजनक परिणाम’ मिले हैं.
उन्होंने कहा, ‘मेरे उस आह्वान को क्रांति के लिए उकसावे के रूप में प्रस्तुत किया गया था. यदि महिलाओं को उनका उचित हिस्सा देना एक क्रांति है, तो मुझे एक क्रांतिकारी के रूप में प्रस्तुत किए जाने पर बहुत खुशी होगी. ऐसी क्रांति का मैं तहे दिल से स्वागत करता हूं.’ जस्टिस रमना ने कहा कि 10 मार्च को ‘अंतराष्ट्रीय महिला न्यायाधीश दिवस’ के रूप में मान्यता देना जागरूकता पैदा करने और राजनीतिक इच्छाशक्ति को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम है.
प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि परिणामस्वरूप भारत में पंजीकृत लगभग 17 लाख अधिवक्ताओं में से केवल 15 प्रतिशत महिलाएं हैं.
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