ऐसे में सवाल उठता है कि अखिलेश यादव ने ये सीट क्यों चुनी. इसके कई कारण हैं. पहला, यहां से मुलायम सिंह यादव का पुराना संबंध रहा है. समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने करहल के जैन इंटर कॉलेज से शिक्षा ग्रहण की थी. करहल विधानसभा सीट समाजवादी पार्टी का मजबूत किला भी रहा है. करहल विधानसभा सीट की बात की जाए तो यह मुलायम के पैतृक गांव सैफई से महज चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. मौजूदा समय में मुलायम सिंह यादव मैनपुरी से सांसद भी है.
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करहल विधानसभा सीट समाजवादी पार्टी की सबसे सुरक्षित सीटों में से एक है. करहल विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी का सात बार कब्जा रहा है. इस विधासभा सीट से 1985 में दलित मजदूर किसान पार्टी के बाबूराम यादव, 1989 और 1991 में समाजवादी जनता पार्टी और 1993, 1996 में सपा के टिकट पर बाबूराम यादव विधायक निर्वाचित हुए. 2000 के उपचुनाव में सपा के अनिल यादव, 2002 में बीजेपी और 2007, 2012 और 2017 में सपा के टिकट पर सोवरन सिंह यादव विधायक चुने गए.
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